प्लेसमेंट एजेंसी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 7 गिरफ्तार


प्लेसमेंट एजेंसी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 7 गिरफ्तार

नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस की साइबेर सेल ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो प्लेसमेंट दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करता था. पुलिस ने अभी तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस की शुरुआत जांच में पता चला है कि आरोपियों ने भी तक 250 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी की है. गिरफ्तार आरोपियों में पांच महिलाएं भी शामिल हैं. द्वारका के डीसीपी हर्षवर्धन के मुताबिक एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मुस्कान नाम की एक महिला ने उनसे टेलीफोन पर संपर्क किया था, उसने कहा कि उनके पास शाइन डॉट कॉम की एक भर्ती है. फिर आरोपी महिला ने पीड़ित महिला को इंटरव्यू के लिए भीकाजी कामा पैलेस में जॉब कंसल्टेंसी के ऑफिस आने के लिए कहा. पीड़ित का आरोप है कि आरोपी महिला ने उससे पंजीकरण शुल्क के नाम पर 3500 रुपये लिए गए जबकि 8500 रुपये  गूगल पे के माध्यम से लिए गए, इसके बाद शिकायतकर्ता को सनशाइन एचआर ग्लोबल सर्विसेज द्वारा अन्य निजी कंपनियों के नाम पर एक नियुक्ति पत्र जारी किया गया था, लेकिन वे जाली थे और उसे कोई नौकरी नहीं दी गई. 

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अपने साथ ठगी होने के बाद पीड़ित महिला ने पुलिस को घटना की सूचना दी. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की,जांच के दौरान कथित मोबाइल नंबरों के डिटेल्स लिए गए ,और भीकाजी कामा पैलेस में छापेमारी की गई. छापेमारी के दौरान खुलासा हुआ कि सनशाइन एचआर ग्लोबल सर्विसेज के नाम से एक फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी चल रही है. छापेमारी के दौरान सनशाइन एचआर ग्लोबल सर्विसेज के नाम से 16 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, कई रजिस्टर और जाली नियुक्ति पत्र बरामद किए गए. मौके से 5 महिलाओं समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया, पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने नौकरी देने के नाम पर अभी तक 250 लोगों से अधिक लोगों से 23 लाख रुपये की ठगी की है. 

‘वर्क फ्रॉम होम’ के बहाने बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़

बता दें राजधानी दिल्ली में ठगी की यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले उत्तरी दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया था जो बेरोजगार युवाओं से ‘वर्क फ्रॉम होम’ के नाम पर ठगी कर रहा था. इस मामले में यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली में छापेमारी कर मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. 

उत्तरी जिले के डीसीपी सागर सिंह कलसी के मुताबिक बुराड़ी की रहने वाली एक महिला ने एमएचए साइबर क्राइम पोर्टल पर एक शिकायत दी जो साइबर पुलिस स्टेशन उत्तर जिले को प्राप्त हुई. उसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसने ऑनलाइन आवेदन फ्रीलांसर डेटा के माध्यम से पैसा कमाने के लिए Youtube पर एक वीडियो देखा जो यूनाइटेड किंगडम से जुड़ा हुआ बताया गया था. उसने फ्रीलांसर ऐप डाउनलोड किया और बोली के लिए एक काम देखा. बोली लगाने के बाद काम मिलने पर उसने उसे दिए गए असाइनमेंट पर काम करना शुरू कर दिया. 

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उससे मोबाइल पर और ई-मेल के माध्यम से अज्ञात व्यक्ति द्वारा संपर्क किया गया था, जिसने उसके बैंक खाते में पैसे भेजने की सुविधा के लिए पंजीकरण शुल्क, प्रसंस्करण शुल्क, अंतरराष्ट्रीय बैंक लेनदेन शुल्क, विदेशी मुद्रा रूपांतरण शुल्क आदि का भुगतान करने के लिए कहा था. उसने कई UPI ​​आईडी और बैंक खातों में लगभग 12,000  रुपये ट्रांसफर किए. बाद में उसने महसूस किया कि वर्क फ्रॉम होम के बहाने उसे वास्तव में धोखा दिया गया था.



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