ब्रिटेन की महारानी प्रख्यात लेखक Salman Rushdie को देंगी ये बड़ा सम्मान,… भारतीय मूल के विजेताओं में सबसे ऊपर है नाम


ब्रिटेन की महारानी प्रख्यात लेखक Salman Rushdie को देंगी ये बड़ा सम्मान,... भारतीय मूल के विजेताओं में सबसे ऊपर है नाम

सलमान रुश्दी (Salman Rushdie) को महारानी एलिजाबेथ (Queen Elizabeth II) से मिलेगा सम्मान (File Photo)

ब्रिटेन (UK) की महारानी के जन्मदिन (Birthday) के अवसर पर सम्मानित किए जाने वाले भारतीय मूल के 40 से ज्यादा पेशेवर तथा सामुदायिक कार्य करने वाले लोगों की सूची में प्रख्यात लेखक सलमान रुश्दी (Salman Rushdie) का नाम सबसे ऊपर हैं. रुश्दी का जन्म मुंबई (Mumbai) में हुआ था और उन्हें “मिडनाइट्स चिल्ड्रन” (‘Midnight’s Children’) उपन्यास के लिए बुकर पुरस्कार मिला था. उन्हें साहित्य जगत में सेवा के लिए, ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ (Queen Elizabeth II) द्वारा ‘कम्पेनियन ऑफ ऑनर’ (Companion of Honour) से नवाजा जाएगा.

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किसी भी समय यह पुरस्कार एक बार में 65 से अधिक लोगों को नहीं दिया जाता. महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth II) के ब्रिटेन पर शासन के 70 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में (Platinum Jubilee of Queen Elizabeth II’s 70 years of service to the UK) बुधवार रात को यह सूची जारी की गई. तीस साल से ज्यादा समय पहले अपने विवादास्पद उपन्यास “द सैटनिक वर्सेज” के लिए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई का फतवा झेलने वाले रुश्दी (74) ने कहा, “इस सूची में शामिल होना सम्मान की बात है.”

महारानी द्वारा दिया जाने वाला ‘कम्पेनियन ऑफ ऑनर’ (Companion of Honour)  एक विशेष पुरस्कार है जो कला, विज्ञान, चिकित्सा आदि क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है. अतीत में यह पुरस्कार ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल, जॉन मेजर और विख्यात भौतिकशास्त्री स्टीफेन हॉकिंग को प्रदान किया जा चुका है.

रुश्दी को दिए जाने वाले प्रशस्ति पत्र पर अंकित है, “बंबई में जन्मे, बाद में उन्होंने रग्बी स्कूल और किंग्स कॉलेज से पढ़ाई की जहां उन्होंने इतिहास का अध्ययन किया.”

पत्र पर लिखा गया, “विज्ञापन की दुनिया से करियर की शुरुआत की और ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ को दो बार (1993 और 2008) जनता के बेस्ट ऑफ बुकर्स घोषित किया गया. उन्हें साहित्य में सेवा के लिए 2007 में नाइटहुड की उपाधि दी गई. उन्होंने कथेतर साहित्य की भी रचना की, निबंध लिखे, सह संपादक रहे और मानवीय कार्य भी किया.’

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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